बागपत, जून 5 -- खेकड़ा। लोक साहित्य संस्कृति के तत्वाधान में अंतर्राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस की पूर्व संध्या पर में एक काव्यगोष्ठी का हुआ। कवियों ने बिगडते पर्यावरण पर कविताओं के माध्यम से चिंता व्यक्त की। कवियत्री पूनम नैन मलिक के संचालन में अधिवक्ता हर्ष भारद्वाज की रचना में माँ गंगा के प्रति प्रेम की झलक रही। कवियत्री पारुल चौधरी मन द्वारा पेड़ पौधों के कटान पर भविष्य के प्रति चिन्ता व्यक्त की गई। कवि गजेंद्र कौशिक गजानन, अजय तोमर, मुस्कान सागर ने भी गोष्ठी में पर्यावरण के प्रति प्रेम और जागरूकता से जुड़ी कविताओं को सुनाकर पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन का संकल्प लिया। यह भी पढ़ें- नेहा मुरारी और योगेश जोशी बने पर्यावरण के ध्वजवाहक यह भी पढ़ें- पर्यावरण को समर्पित कर दी जिंदगी यह भी पढ़ें- पौधारोपण कर देखभाल का संकल्प लिया

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