बागपत, मार्च 27 -- बागपत। स्थाई और अस्थाई गोशालाओं में इस बार चारे का संकट गहरा सकता है। इसकी वजह है कि गोशालाओं को भूसा और साइलेज (मक्का) को उपलब्ध कराने को कोई फर्म या सप्लायर नहीं मिल रहा है। भूसे का टेंडर लेने के लिए एक फर्म पहुंची तो जरूर थी, लेकिन नियमानुसार तीन फर्म के न होने की वजह से टेंडर को निरस्त करना पड़ा। जिले में 27 स्थाई और अस्थाई गौ आश्रय स्थल संचालित है। इन गोशालाओं में करीब 5500 गोवंशों को आश्रय दिया हुआ है। गोवंशों के लिए चारे-पानी की व्यवस्था प्रशासन की ओर से कराई जा रही है। इन सभी गोशालाओं में 50 हजार कुंतल भूसे की जरूरत है। इसके अलावा हरे चारे के रूप में गोवंशों के लिए 30 हजार कुंतल साइलेज (मक्का) को भी शामिल किया गया है। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से गोवंशों के लिए भूसा और साइलेज उपलब्ध कराने के लिए टेंडर जारी किया था...
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