संतकबीरनगर, मई 24 -- मेंहदावल, हिन्दुस्तान संवाद। गोशालाओं में गोवंश के रखरखाव और पोषण व्यवस्था में लगातार मिल रही शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। शासन के निर्देश पर अब तीन बड़ी गोशालाओं के संचालन और प्रबंधन की जिम्मेदारी गैर सरकारी संस्था (एनजीओ) को सौंप दी गई है। अब तक इन गोशालाओं की व्यवस्था ग्राम प्रधान, सचिव और बीडीओ के स्तर से संचालित होती थी।

नए प्रबंधन की जिम्मेदारी जिलाधिकारी आलोक कुमार की ओर से 21 मई को जारी आदेश के अनुसार, पशुधन विभाग उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव के 24 अप्रैल के शासनादेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की गई है। बस्ती स्थित अध्ययन चौरिटेबल ट्रस्ट को जनपद की तीन प्रमुख गोशालाओं का संचालन सौंपा गया है। इनमें स्थायी गोवंश आश्रय स्थल बढ़या ठाठर (मेंहदावल), वृहद गो-संरक्षण केंद्र जिगिना (सेमरियावां) तथ...