गोवर्धन में निकली गुरु परम्परा निभाने को दो मुड़िया शोभायात्राएं
मथुरा, जुलाई 29 -- ब्रज के प्रसिद्ध मुड़िया पूर्णिमा मेले के अंतिम दिन बुधवार को गोवर्धन धाम में साधु-संतों ने गुरु शिष्य परंपरा का निर्वहन करते हुए अपने सिर मुड़वाकर ढोल-मजीरे के साथ शोभायात्राएं निकालीं। मुड़िया साधु-संतों का हरिनाम संकीर्तन और भजन हर किसी को भक्ति में सराबोर कर गया। पहली शोभायात्रा सुबह तो दूसरी शाम के वक्त निकाली, जिसका भक्तों ने आरती उतारकर और पुष्प वर्षा करके स्वागत किया। बुधवार की सुबह हर दिशा से उमड़ा जनसमुद्र, पग-पग पर होती गिरिराजजी की महिमा वंदना और मृदंग-ढोल-मंजीरों की धुनों पर संकीर्तन ने मुड़िया पूर्णिमा मेले के उल्लास को चरम पर पहुंचा दिया। बुधवार की सुबह 10 बजे कस्बे के चकलेश्वर क्षेत्र स्थित श्री राधा श्याम सुंदर मंदिर के महंत रामकृष्ण दास महाराज के सानिध्य में ढोल, मजीरे, मृदंग के साथ नचाते-गाते संकीर्तन...
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