इटावा औरैया, अप्रैल 6 -- भरथना। कल्याण नगर में आयोजित कथा में सोमवार को श्रद्धालुओं को आचार्य रामसनेही अवस्थी ने गोवर्धन पूजा प्रसंग की कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अभिमान को समाप्त करने के लिए ब्रजवासियों से इंद्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने का आग्रह किया। इससे क्रोधित होकर इंद्र ने ब्रज में मूसलाधार वर्षा शुरू कर दी। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर समस्त ब्रजवासियों की रक्षा की।कार्यक्रम में सहायक व्यास पं. सज्जन कुमार अवस्थी ने भी अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक रस में सराबोर किया। कथा पंडाल में परीक्षित के रूप में सुभाष गुप्ता उनकी पत्नी सीमा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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