मुरादाबाद, नवम्बर 25 -- सूर्य नगर लाइनपार स्थित कृष्णा पब्लिक इंटर कालेज के पास चल रही श्रीमद् भागवत कथा में गोवर्धन पर्वत का महत्व बताया गया। कथा व्यास कृष्ण कांत शास्त्री ने कहा भगवान श्री कृष्ण ने इंद्र का अभिमान ध्वस्त करने के लिए हाथ कनकी ऊंगली पर गोवर्धन उठाया और सात दिन तक उसे उठाए रहे। इसके नीचे ग्वाले और गोवंश रहे। अंतत भगवान को इंद्र को ही ही झुकना पड़ा। तब से ही गोवर्धन पर्वत वृंदावन के पास स्थापित हैं। उन्होंने बताया इसकी परिक्रमा से पापों का नाश होता है। व्यवस्था में रचना शर्मा, सीनू, लक्ष्मी, शुक्लानी, मीना, रजनी आदि शामिल रहे।
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