लखनऊ, अक्टूबर 28 -- लखनऊ, प्रमुख संवाददाता। प्रदेश की कृषि मंडियों से प्राप्त राजस्व का एक हिस्सा निराश्रित गोवंश के संरक्षण और भरण-पोषण पर खर्च किए जाने की व्यवस्था है। उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 69.16 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें से 34.58 करोड़ रुपये की पहली किस्त उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग को आज जारी कर दी गई। वर्ष 2016-17 में इस मद में महज 4.51 करोड़ रुपये दिए गए थे। इस प्रकार से बीते 10 वर्षों में गोवंश संरक्षण के लिए मंडी परिषद का वार्षिक वित्तीय प्रावधान 15 गुने से अधिक बढ़ा है।

गोवंश संरक्षण के लिए मंडी आय का तीन प्रतिशत मंडी परिषद मंडी शुल्क, सेस और अन्य मदों से प्राप्त कुल आय का तीन प्रतिशत गोसेवा आयोग को उपलब्ध कराती है। इस धनराशि का उपयोग पंजीकृत गोशालाओं में सं...