नई दिल्ली, अक्टूबर 22 -- भारत के बड़े नॉन-बैंक लेंडर बजाज फाइनेंस और पिरामल फाइनेंस ने सोने के बदले लोन यानी गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों में शुरुआती दबाव के संकेत दिए हैं। पिछले एक साल में सोना गिरवी रखकर कर्ज लेने का चलन तेजी से बढ़ा है। हालांकि, अभी इस सेगमेंट में डिफॉल्ट का स्तर कम है, लेकिन कुछ ग्राहकों के भुगतान में देरी ने कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में बैंकों का गोल्ड लोन सालाना आधार पर 83% बढ़कर 5.6 लाख करोड़ रुपये हो गया। वहीं, नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) का गोल्ड लोन 69% बढ़कर 3.6 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। बैंक और NBFC सोने के बदले मिलने वाली सुरक्षा के कारण इन कर्जों को अपेक्षाकृत सुरक्षित मानते हैं। गोल्ड लोन में शुरुआती दबाव के अलावा ब्रोकरेज हाउसों ने...