रामगढ़, मार्च 17 -- गोला, निज प्रतिनिधि। गोला के चोकड़बेड़ा गांव में मंगलवार को सरहुल पूजा को लेकर आयोजित बैठक भावुक माहौल में संपन्न हुई। बैठक की शुरुआत दिवंगत जिला परिषद सदस्य सरस्वती देवी की स्मृति में दो मिनट का मौन रखकर की गई। उपस्थित लोगों ने कहा कि सरस्वती देवी का निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। जिसकी भरपाई संभव नहीं है। मौके पर निर्णय लिया गया कि इस वर्ष सरहुल पूजा पारंपरिक विधि-विधान से मनाई जाएगी, लेकिन शोक स्वरूप बाजा-गाजा, नाच-गान और शोभायात्रा नहीं निकाली जाएगी। वक्ताओं ने सरहुल पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह प्रकृति, धरती और सृजन का प्रतीक पर्व है, जो आदिवासी संस्कृति की पहचान है। ऐसे में सादगी और श्रद्धा के साथ पूजा करना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। बैठक में मनसु बेदिया, करमु बेदिया सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थि...
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