रामगढ़, अप्रैल 17 -- गोला, निज प्रतिनिधि। गोला के बरियातु पंचायत के बड़की कोइया गांव में शनिवार को आदिवासी समाज के लोगों ने सरहुल पर्व बड़े ही धूमधाम और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया। इसे लेकर सरना स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत पहान ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्य अतिथि जिप सदस्य जलेश्वर महतो ने कहा कि सरहुल पर्व प्रकृति और पर्यावरण के प्रति आस्था का प्रतीक माना जाता है। इस पर्व में साल वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि यह पर्व हमें प्रकृति के संरक्षण और सामूहिक एकता का संदेश देता है। यह भी पढ़ें- महेशपुर में सरहुल महोत्सव का आयोजन इस दौरान ढोल नगाड़ों की थाप पर झुमर नृत्य, समूह नृत्य और सरहुल गीतों पर लोग देर रात तक झूमते रहे। इसमें युवाओं, युवतियों औ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.