वाराणसी, अप्रैल 14 -- वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। आईआईटी बीएचयू में सोमवार को जुटे विशेषज्ञों ने 'भारत में धरोहर संरक्षण: स्थान, प्रक्रिया और लोगों का मूल्यांकन' विषय पर गोलमेज चर्चा की। वास्तुकला, योजना एवं अभिकल्प विभाग और मानवतावादी अध्ययन विभाग की तरफ से यह कार्यक्रम भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं धरोहर शृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया। वास्तुकला, योजना एवं अभिकल्प विभाग के बहुउद्देशीय सभागार में डॉ. रबी नारायण मोहंती के स्वागत संबोधन दिया। प्रो. पीके पांडा ने धरोहर संरक्षण की समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए अकादमिक अध्ययन और व्यावहारिक दृष्टिकोण के बीच सेतु स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रो. अमिता सिन्हा ने कार्यक्रम के बारे में बताया। यह भी पढ़ें- टोक्यो में शोध पत्र प्रस्तुत करेगी बीएचयू की छात्रा मुख्य व्याख्यान धरो...
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