जमशेदपुर, जून 18 -- सत्यानंद योग केंद्र की ओर से गोलमुरी क्लब में आयोजित विशेष योग शिविर में 80 साधकों ने योग एवं ध्यान की गहन साधनाओं का अभ्यास किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक शांति पाठ एवं ॐ के गुंजन से हुआ। उसके बाद स्वामी जी ने साधकों को कायास्थैर्यम् (शारीरिक स्थिरता) का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है। यदि योगाभ्यास के बावजूद व्यक्ति के व्यवहार, सोच और संबंधों में सौहार्द नहीं आता तो योग की वास्तविक भावना अधूरी रह जाती है। एक सच्चे योग साधक की पहचान उसके शांत, संतुलित एवं सौम्य आचरण से होती है।ध्यान यह भी पढ़ें- मन की चंचलता खत्म होने पर मिलता है सच्चा आनंद सत्र में स्वामी जी ने ध्यान की वैज्ञानिक एवं क्रमिक प्रक्रिया समझाई। साधकों को शरीर को पूर्णतः स्थि...