नई दिल्ली, फरवरी 28 -- Love for Gol Gappa and its History: भारत में शायद ही कोई ऐसा इंसान हो जिसे गोलगप्पे पसंद ना हों। कहीं इन्हें गोलगप्पे कहा जाता है, कहीं पानी पूरी, कहीं पानी के बताशे तो कहीं फुचका या गुपचुप। नाम अलग हो सकते हैं, लेकिन इनका स्वाद और क्रेज पूरे देश में एक-सा है। कुरकुरी पूरी, मसालेदार आलू-चना, खट्टा-मीठा पानी और एक ही बार में मुंह में रखने का रोमांच- यही गोलगप्पों की पहचान है।गोलगप्पों की उत्पत्ति कहां से हुई? गोलगप्पों की उत्पत्ति को लेकर कई कहानियां और मान्यताएं प्रचलित हैं। सबसे लोकप्रिय मान्यता इन्हें प्राचीन भारत से जोड़ती है। माना जाता है कि गोलगप्पों का प्रारंभिक रूप मगध क्षेत्र (बिहार) में देखने को मिला। यह भी पढ़ें- मैदा और चीनी की वजह से नहीं खाते गुजिया? 7 आसान टिप्स से बनाएं इन्हें हेल्दी एक लोककथा के अनुस...