गोरखपुर, दिसम्बर 21 -- गोरखपुर, निज संवाददाता। गोरखपुर लिटरेरी फेस्टिवल के दूसरे दिन के पहले सत्र का आगाज काव्यात्मक उत्साह और युवा रचनात्मक ऊर्जा के साथ हुआ। उद्घाटन सत्र 'नवोत्पल: नए पत्ते, नई खुशबू' में युवा कवियों ने अपनी रचनाओं से साहित्यिक वातावरण को भावनाओं, विचारों और समकालीन संवेदनाओं से भर दिया। इस सत्र में युवा कवि प्रत्यूषा श्रीवास्तव, अचिन्त्य मिश्र, सव्यसाची, आदर्श कौशिक और वसुंधरा वासू ने एक के बाद एक अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं। कविताओं में जीवन के अनुभव, समय की बेचैनी, प्रेम, संघर्ष और उम्मीद के स्वर सुनाई दिए, जिन पर श्रोताओं ने तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी। सत्र का स्वरूप कवि सम्मेलन जैसा रहा, जिसमें रचनाओं की प्रस्तुति के साथ भावनात्मक संवाद भी बना रहा। सत्र का संचालन शरद सिंह बघेल ने प्रभावी ढंग से किया, जबकि मोडरेशन क...
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