महोबा, अप्रैल 2 -- महोबा, संवाददाता। गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि गोरखगिरि की परिक्रमा रामधुन के साथ लगाई गई। परिक्रमा लगाने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती है। परिक्रमा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। चैत्र पूर्णिमा पर गुरु गोरखनाथ की तपोभूमि से परिक्रमा शुरु हुई। शिवतांडव से शुरु हुई परिक्रमा बाल हनुमान मंदिर,रामजानकी मंदिर, कबीर आश्रम, काजी फिरोजशाह की दरगाह, सकरे सन्या, कालीमाता , छोटी चंद्रिका माता मंदिर, रामदरबार से पुलिस लाइन रोड, नागौरिया मंिदर, काल भैरव मंदिर से शिवतांडव में आकर पूर्ण हुई। शिवतांडव में सत्संग हुआ। सत्संग में वरिष्ठ साहित्यकार संतोष पटैरिया ने कहा कि गोरखगिरि की परिक्रमा लगाने मात्र से मनोकामनाएं पूर्ण होती है। समिति प्रमुख डॉ एल सी अनुरागी ने कहा कि वनवास काल में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण...
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