वाराणसी, अप्रैल 18 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। गोरक्षा को लेकर केंद्र और प्रदेशों की सरकारें बिल्कुल गंभीर नहीं हैं। भारत में गोरक्षा के समग्र उपाय नहीं किए गए तो इसके दुष्परिणाम पूरे देश को भुगतने होंगे। गो माता ही सनातन संस्कृति का आधार तत्व हैं। उनकी असुरक्षा का सीधा मतलब सनातन की असुरक्षा है। ये बातें ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्धन पीठ के 145वें जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहीं। वह शुक्रवार की शाम असि स्थित दक्षिणामूर्ति मठ में जिज्ञासुओं के प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। शंकराचार्य ने कहा कि सत्तालोलुपता और अदूरदर्शिता से पूर्ण राजनीति के कारण सनातन धर्म के मानबिंदुओं की रक्षा संभव नहीं हो पा रही है। यह भी पढ़ें- सनातन की शक्ति हमारी आस्था और एकता में निहित भाजपा के जो नेता मनमोन सिंह की सरकार से गोहत्या बंद कर ...