लखीमपुरखीरी, मार्च 9 -- होली के उपलक्ष्य पर नगर के आध्यात्मिक श्री कुल सेवा आश्रम में विशाल कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें अनेक कवियों ने अपनी रससिक्त वाणी से विभिन्न कविताओं का पाठ कर श्रोताओं को देर रात तक खूब गुदगुदाया। कवि सम्मेलन का शुभारंभ संस्था के संरक्षक व रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष डीके श्रीवास्तव ने देवी मां सरस्वती जी के चित्र पर दीप प्रज्वलन कर किया। युवा कवि पवन मिश्र ने अपनी ओजस्ती वाणी में यह वंदना पढ़ी- चाहता है वक्त लेखनी को दूं विराम, कलम की जगह कटार बन जाओ मां। वीर रस के कवि सुखराज सिंह ने अपनी कई सशक्त रचनाएं पढ़ते हुए कहा कि- बहुत हो चुका हिंदू -मुस्लिम, सिख- ईसाई भारत में, गांव -गली, शहरों- कस्बों के हर घर में इंसान बने। वरिष्ठ कवि रामचंद्र शुक्ल ने पंक्तियां पढ़ीं- आम के पेड़ पे बैठि के कोयल, गावत गीत फिरै वरजोरी। ग...
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