बलिया, अप्रैल 6 -- नगरा, हिन्दुस्तान संवाद। वृंदावन से आईं कथावाचक किशोरी मंगेश ने रविवार की शाम गोपी-उद्धव संवाद का प्रसंग में बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण मथुरा चले गए, तब वृंदावन की गोपियां विरह वेदना में व्याकुल हो उठीं। गोपियों की व्याकुलता को देख श्रीकृष्ण ने अपने परम मित्र उद्धव को उन्हें ज्ञान का उपदेश देने भेजा, लेकिन गोपियों ने अपने निष्कपट प्रेम और भक्ति के माध्यम से यह सिद्ध कर दिया कि सच्चा प्रेम ज्ञान से भी श्रेष्ठ होता है।नरही गांव में चल रहे सप्त दिवसीय भागवत ज्ञान कथा के अंतिम दिन कथावाचिका मंगेश ने रुक्मिणी विवाह प्रसंग में श्रोताओं को बताया कि विदर्भ की राजकुमारी रुक्मिणी भगवान श्रीकृष्ण को अपना पति मान चुकी थीं। जब उनके भाई रुक्मी ने उनका विवाह शिशुपाल से तय कर दिया, तब रुक्मिणी ने श्रीकृष्ण को संदेश भेजा। भगवान श्रीकृष...
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