गोपालगंज, मई 1 -- गोपालगंज।भारत सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्रालय की फ्लैगशिप पहल 'ज्ञान भारतम् मिशन' के तहत बिहार की समृद्ध बौद्धिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी पांडुलिपि सर्वेक्षण शुरू किया गया है। इस मिशन का उद्देश्य प्राचीन हस्तलिखित पांडुलिपियों की पहचान, उनका वैज्ञानिक संरक्षण और डिजिटलीकरण करना है, ताकि वे शोधार्थियों और आम नागरिकों के लिए सुलभ हो सकें।

पांडुलिपियों की पहचान और संरक्षण अभियान के तहत कागज, भोजपत्र, ताड़पत्र, कपड़ा या धातु पर हाथ से लिखे वे सभी ग्रंथ या दस्तावेज शामिल हैं, जो कम से कम 75 वर्ष पुराने हों। डीएम पवन कुमार सिन्हा ने जिले के सभी नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों, मठों, मंदिरों, ट्रस्टों और निजी पुस्तकालयों के संचालकों से अपील की है कि यदि उ...