गोड्डा, अगस्त 31 -- गोड्डा संवाद सूत्र। गोड्डा जिले में इस वर्ष मानसून की बेरुखी और अपेक्षा के अनुरूप बारिश नहीं होने का सीधा असर खरीफ खेती, खासकर धान की रोपनी पर देखने को मिल रहा है। जिले में धान आच्छादन के लिए कुल 51,500 हेक्टेयर भूमि का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक करीब 82.90 प्रतिशत क्षेत्र में धान की रोपनी पूरी हो चुकी है। हालांकि लक्ष्य के अनुरूप रोपनी की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बावजूद असमय और कम बारिश किसानों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। कई क्षेत्रों में खेतों में पर्याप्त पानी नहीं रहने के कारण धान की फसल के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। जिला कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार गोड्डा में अगस्त माह के दौरान सामान्य वर्षापात 255.1 मिलीमीटर होना चाहिए था, लेकिन अब तक मात्र 1...