गोड्डा, जून 20 -- गोड्डा, एक प्रतिनिधि। गोड्डा में कभी लाभदायक व्यवसाय माने जाने वाला मछली पालन कारोबार पिछले चार वर्षों में बुरी तरह प्रभावित हुआ है। समय पर गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध नहीं होने, तालाबों की खराब स्थिति, बदलते मौसम और वर्षाजल पर निर्भरता के कारण स्थानीय मछुआरे और मत्स्य पालक लगातार नुकसान झेल रहे हैं। स्थिति यह है कि पहले जिन तालाबों से अच्छी पैदावार होती थी, वे अब लगभग बेकार पड़े हैं। गोड्डा के बढ़ोना गांव के मत्स्य पालक अनिल राउत बताते हैं कि कुछ वर्ष पहले तक दो तालाबों से अच्छी आय हो जाती थी, लेकिन अब गुणवत्तापूर्ण बीज नहीं मिलने और मछलियों की धीमी बढ़त के कारण लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है। उनका कहना है कि तालाबों में पहले की तुलना में उत्पादन काफी कम हो गया है। गोड्डा के प्रमुख बाजारों और साप्ताहिक हाटों में स्...