सीवान, अप्रैल 9 -- बड़हरिया। गैस सिलेंडर की कमी वाकई एक बड़ी चुनौती है। गैस सिलेंडर नहीं मिलने से थाली के मेन्यू में बदलाव हुआ है इतना ही नहीं। संधारण भोजन से काम चलाना पड़ रहा है। इसके साथ साथ थाली में मिलने वाला तरह तरह का व्यंजन भी खत्म हो चुका है। एक सिलेंड नहीं। मिलना सबसे बड़ी चुनौती मंहगाई भी है। समान भी मंहगी होने से किचेन का सामान का दाम भी घटा है। जिसको खामियाजा सीधे भुगतना पड़ रहा है। इस तरह तरह का व्यंजन अब नहीं मिल रहा है। इससे सबसे अधिक प्रभावित बच्चे में मेन्यू में हुआ है। गैस सिलेंडर नहीं मिलने से समय से बच्चे के दूध गर्म करना हो या किसी अतिथि के आने पर मनपसंद भोजन देना हो यह बहुत बड़ी चुनौती बन गई है। इसका सीधा असर सामाजिक स्तर पर पड़ने लगा है। सबसे अधिक प्रभावित किचेन में काम करने वाली महिलाएं हैजो लकड़ी के अलावा अन्य सा...
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