सोनभद्र, मार्च 28 -- सोनभद्र, संवाददाता। जंग की तपिश का असर और औद्यौगिक क्षेत्रों में भी पड़ता दिख रहा है। रसोई गैस और कामर्शिलय सिलेंडर की किल्लत ने औद्यौगिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे श्रमिकों के समक्ष भी संकट खड़ा कर दिया है। किल्लत के कारण औद्यौगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के पलायन का खतरा बढ़ता जा रहा है। श्रमिक अब अपने घर वापसी का मन बनाने लगे हैं। जिले में रसोई गैस की किल्लत और कामर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति ठप होने का असर होटल, ढाबा संचालकों केसाथ ही औद्यौगिक क्षेत्रों में कार्य कर रहे श्रमिकों पर भी पड़ने लगा है। जिले के ओबरा, डाला, रेणुकूट, अनपरा, शक्तिनगर आदि औद्यौगिक क्षेत्रों में हजारों की संख्या में श्रमिक दूसरे जिले और प्रदेशों से आकर कार्य कर रहे हैं। रसोई गैस किल्लत के कारण उन्हें सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। पांच लीटर की टं...
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