कानपुर, मार्च 13 -- कानपुर, प्रमुख संवाददाता। सुबह की चाय, समोसे और चाट की खुशबू से गुलजार रहने वाली शहर की गलियां इन दिनों सूनी नजर आने लगी हैं। रसोई गैस सिलेंडर की किल्लत ने सालों से ठेले और छोटी दुकानों पर चल रहे स्ट्रीट फूड कारोबार की रफ्तार रोक दी है। हालात इतने खराब हो गए हैं कि कई वेंडर्स को अपना पुराना काम-धंधा समेटने की नौबत आ गई है। रोज कमाकर परिवार चलाने वाले स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए यह दौर कोरोना काल से भी ज्यादा कठिन साबित हो रहा है। माल रोड में दस साल से फास्ट फूड का ठेला लगाने वाले मनोज का कहना है कि पहले भी संकट आए पर चूल्हा तो जल जाता था। अब ग्राहक होने के बावजूद गैस नहीं मिल रही, जिससे दुकानें बंद करनी पड़ रही हैं। 10 साल से आर्य नगर में नाश्ते का स्टॉल लगाकर जीवन बसर करने वाले राजकुमार कहते हैं कि रोज कमाओ, रोज खाओ की...
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