कानपुर, मार्च 26 -- अमेरिका-ईरान के बीच चल रही जंग से कानपुर के प्रवासी कामगार भी अछूते नहीं हैं। देश के राज्यों में रोजी-रोटी कमा रहे कामगारों की हालत घरेलू गैस की कमी से पतली हो रही है। मकान मालिक उन्हें घर में अंगीठी जलाने नहीं दे रहे हैं। ऐसे में कामगारों के परिवार को फांके की नौबत आ गई। लिहाजा, प्रवासी कामगार एक-एक घर लौट रहे हैं। परदेस से घर लौटे कुछ कामगारों से आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने बातचीत की। प्रवासी कामगारों ने परदेस में गैस की किल्लत की पीड़ा सुनाई। घाटमपुर के सजेती क्षेत्र स्थित अनैसीपुर के महावीर बताते हैं कि वह अहमदाबाद की एक कंपनी में कपड़ों को डाई करने का काम करते थे। छोटे सिलेंडर में गैस पर खाना बनता था। प्रति किलो गैस की कीमत 500 रुपये तक पहुंच गई। इतनी महंगी गैस खरीदने की हिम्मत नहीं हुई। भोजनालयों में भी खाना म...
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