संतकबीरनगर, अप्रैल 19 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में रसोई गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच शादी-विवाह व अन्य आयोजनों में अब लोग वैकल्पिक साधनों का सहारा लेने लगे हैं। बड़े आयोजनों में जहां पहले पूरी व्यवस्था एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर रहती थी, वहीं अब गैस की अनियमित आपूर्ति ने लोगों को नए विकल्प अपनाने पर मजबूर कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक उपयोग लकड़ी और कोयले के पारंपरिक चूल्हों का किया जा रहा है। बड़े भगौनों में खाना बनाने के लिए यह व्यवस्था सस्ती और सुलभ साबित हो रही है। कई हलवाई भी गैस के बजाय लकड़ी के चूल्हे पर ही खाना बनाना बेहतर मान रहे हैं। यह भी पढ़ें- गैस संकट की मार से उपभोक्ताओं को झेलनी पड़ रही परेशानियां डीजल भट्ठी और बड़े बर्नर का उपयोगकुछ आयोजनों में डीजल से चलने वाली भट्ठियों और बड़े काम...