मोतिहारी, मार्च 16 -- मोतिहारी, हिन्दुस्तान संवाददाता। घरेलू गैस की कालाबाजारी से छात्र हलकान हैं। पढ़ाई के लिए गांव छोड़ शहर के लॉज में रह रहे छात्रों को गैस रिफिलिंग कराने में पसीने छूट रहे हैं। ईरान इजरायल युद्ध से गैस संकट खड़ा होने से गैस रिफिलिंग करनेवालों की चांदी कटने लगी है। छात्रों को छोटे सिलेंडर भरवाने में पहले 100 रुपये से 120 रुपये किलो की दर से गैस रिफिलर पैसा वसूलते थे। अब इसका रेट तीन गुना से अधिक हो गया है। छात्रों को गैस रिफिलिंग कराने में प्रति किलो गैस की दर 300 रुपये से 350 रुपये भरना पड़ रहा है। अचानक गैस की रिफिलिंग का रेट बढ़ाने का असर छात्रों के खाना पकाने पर पड़ रहा है। इससे आजीज हो छात्र अपने गांव घर को पलायन करने लगे हैं।बलुआ के एक लॉज में रह रहे छात्र रजनीश कुमार ने बताया कि लॉज में 60 से अधिक छात्र रहकर पढ़ा...
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