गैस नहीं मिली तो हलवाइयों ने फिर सुलगाईं मिट्टी की भट्ठियां
रुडकी, मार्च 30 -- कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत का असर अब मिठाई के कारोबार पर भी पड़ने लगा है। नारसन क्षेत्र के मिठाई विक्रेताओं को ईंधन की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। गैस की सुलभ उपलब्धता न होने के कारण अब दुकानदारों ने पुराने तौर-तरीके अपनाते हुए दुकानों में फिर से मिट्टी की भट्ठियां बनानी शुरू कर दी हैं। मिठाई विक्रेता बाबूराम और गुरदास ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में गैस की उपलब्धता इतनी आसान थी कि उन्होंने अपनी दुकानों से पुराने मिट्टी के चूल्हों और भट्ठियों को उखाड़कर फेंक दिया था। आधुनिकता के दौर में गैस चूल्हों पर काम करना आसान और साफ-सुथरा था। लेकिन अब सिलेंडर के लिए मची मारामारी ने उन्हें फिर से पीछे लौटने पर मजबूर कर दिया है। दुकानदारों का कहना है कि अब मिट्टी की भट्ठियों में लकड़ी और कोयला जलाकर मिठाइयां तैयार क...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.