कानपुर, मार्च 13 -- कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता। गैस की किल्लत से वैकल्पिक ईंधन का उपयोग शुरू हो गया है। लोग कोयला व लकड़ी आदि का उपयोग भी करने लगे हैं। इससे धीरे-धीरे वायु प्रदूषण का भी असर दिखने लगा है। सोमवार से गुरुवार तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) अधिक रहा। शुक्रवार को तेज हवा के कारण यह नियंत्रित रहा। यदि यही स्थिति रही तो हवा की सेहत और खराब हो सकती है। होटल व रेस्टोरेंट आदि और तमाम घरों में भी जहां गैस सिलेंडर नहीं मिल पाया है और वे अन्य विकल्पों का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं वहां लकड़ी या कोयला जलाकर खाना तैयार किया जा रहा है। ऐसे क्षेत्र जहां अस्थायी हॉस्टल आदि अधिक हैं वहां भी गैस की किल्लत को देखते हुए लकड़ी और कोयला जलाया जाना शुरू हो गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि कूड़ा आदि जलाने से वायु प्रदूषण अधिक होता है पर लकड़ी और कोयला ...
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