जहानाबाद, मार्च 15 -- रसोई गैस की अनियमित आपूर्ति और बढ़ती कीमतों से ग्रामीण इलाकों में फिर बढ़ा पारंपरिक ईंधन का उपयोग हुलासगंज, निज संवाददाता। रसोई गैस की किल्लत तथा अनियमित आपूर्ति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में एक बार फिर गोबर और उपले के दिन लौटते नजर आ रहे हैं। मध्य एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण लोगों में आशंका हो गई है कि गैस या तो अनुपलब्ध होगा या फिर कीमत में वृद्धि होगी। इस आशंका के कारण लोग एक ओर गैस सिलेंडर स्टौक करना चाह रहे हैं। हालांकि कौमर्शियल सिलेंडर की बात छोड़ दी जाय तो गैस की आपूर्ति रोज की जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब लगभग सभी घरों में गैस का प्रचलन तेजी से हुआ है। पारंपरिक रूप से गोबर के उपलों का काफी प्रयोग होने लगा था। लेकिन गांवों में गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने से कई परिवार अब मजबू...