लखीसराय, मार्च 25 -- चानन, निज संवाददाता। गैस न मिलने के कारण घरों में लकड़ी ओर कोयले के चूल्हे फिर जलने लगे, जिससे मेनू भी छोटा करना पड़ रहा है। गृहणी मुन्नी देवी, आरती, ललिता देवी आदि ने बताया लोग इंडक्शन चूल्हे या इलेक्टिक हॉट प्लेट का इस्तेमाल भी कर रहे हैं, लेकिन बिजली की किल्लत और महंगे विकल्प के कारण यह हर किसी के लिए आसान नहीं है। वर्तमान में गैस की भारी किल्लत और बढ़ती कीमतों ने एक बार फिर मिट्टी के चूल्हे और पारंपरिक रसोई के सुनहरे दिनों को वापस ला दिया है। ग्रामीण इलाकों की स्थिति ज्यादा खराब है। उज्ज्वला योजना के तहत मिलें सिंलेंडर से लोगों को गैस पर खाना बनाने की आदत लग गइ्र थी, लेकिन अब गैस की किल्लत ने मुसीबत बढ़ा दी है। जिन रसोई घरों में पहले गैस से आसानी से खाना बनता था, वहां अब महिलाएं धुएं में रोटी सेंकने को मजबूर है। छोटे ...