बरेली, अप्रैल 2 -- खाड़ी में चल रहे युद्ध के चलते लगातार गैस किल्लत की बनी हुई है। गैस एजेंसियों पर सुबह से शाम तक लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इसके बाद भी उन्हें समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा है। ऐसे में लोगों ने जब चूल्हे पर भोजन पकाना आरंभ किया तो लकड़ी और कोयले पर भी महंगाई की आंच लग गई। आलम ये है कि लकड़ी के दाम में जहां 30 तो कोयले के दाम में 20 फीसदी का इजाफा हो गया है। जिससे लोगों को आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है। कोयला कारोबारियों का कहना है कि कोयले की आपूर्ति झारखंड से होती है, लेकिन दस दिन पहले अचानक मांग बढ़ने पर कई ग्राहकों को वापस भी करना पड़ा। शहर में तीन से चार ही कोल डिपो संचालित हैं, जबकि लकड़ी बिक्री की टाल की संख्या 15 से अधिक हैं। पिछले 20 दिनों से लकड़ी की बिक्री महज एक दो क्विंटल थी जो कि आचनक से बढ़ कर तीन से चार...
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