नई दिल्ली, मार्च 15 -- आलोक जोशी,वरिष्ठ पत्रकार लगेगी आग तो आएंगे घर कई जद में यहां पे सिर्फ हमारा मकान थोड़ी है। मशहूर शायर राहत इंदौरी का यह शेर किसी मोहल्ले, गांव, शहर या कह सकते हैं कि किसी पूरे देश को नजर में रखकर लिखा गया होगा और यह उसी रोशनी में सुना व सुनाया जाता रहा है। वैसे, आज शायद यह शेर पूरी दुनिया के लिए सही साबित होता दिख रहा है। अमेरिका द्वारा ईरान पर हमले के पहले शायद ही किसी ने सोचा था कि इसकी आंच इतनी जल्दी इतनी दूर तक फैल जाएगी। अब तस्वीर साफ है। यूरोप से लेकर एशिया तक तमाम देश इस युद्ध से उपजे संकट का ताप झेल रहे हैं। कहीं गैस की कमी है, तो कहीं तेल की किल्लत और महंगाई का डर सता रहा है। भारत के लिए यह बड़ी मुसीबत है, क्योंकि होर्मुज जलमार्ग बाधित होने या बंद होने का सबसे खराब असर भारत पर पड़ना तय था। फारस की खाड़ी को ...
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