गैसीकरण से कोयले को ऊर्जा स्रोत की जगह विशेष पहचान मिलेगी
धनबाद, मई 30 -- कोल गैसीफिकेशन से देश में कोयले की मांग में भारी बढ़ोतरी होगी। केंद्र सरकार ने इसे बढ़ावा देने के लिए Rs.37,500 करोड़ की प्रोत्साहन योजना (प्रोजेक्ट्स और मिशन) को मंजूरी दी है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 100 मिलियन टन कोयले का गैसीफिकेशन करना है। विशेषज्ञों की मानें तो सरफेस कोल गैसीफिकेशन की योजना सफल हुई तो कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों के कोयले की मांग बढ़ेगी। कोल गैसीफिकेशन से कोल सेक्टर में व्यापक बदलाव आने की संभावना है। वर्तमान में भारत में कोयले की पहचान एक ऊर्जा स्रोत के रूप में है, जिसका ज्यादातर उपयोग बिजली उत्पादन में है। गैसीकरण से कोयले की पहचान रणनीतिक महत्व के खनिज के रूप में हो जाएगी। गैसीकरण से देसी कोयले से उन आयातित उत्पाद की भरपाई होगी, जिसके लिए भारत को विदेशी मुद्रा खर्च करना पड़ता है。
कोल गैसीफिकेशन कैस...
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