बदायूं, मई 9 -- अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष 10 मोहम्मद कमर ने गैर इरादतन हत्या करने में तीन सगे भाई समेत चार को दोषी माना है। न्यायाधीश ने दोषियों को 10 साल की कैद की सजा सुनाई। इसके साथ ही प्रत्येक पर 26,500-26,500 रुपये का अदा करने का हुक्म दिया। घायल भोज राम की उपचार के दौरान मौत होने के बाद मारपीट का मुकदमा गैर इरादतन हत्या की धारा में तरमीम हो गया। शासकीय अधिवक्ता सुधीर कुमार मिश्रा के अनुसार वादी मिहीलाल निवासी ग्राम सिरसोल पट्टी सीताराम बिल्सी ने 12 नवंबर 2015 को सूचना दी। उनसे बताया उसके गांव के शिवकुमार उसे देखकर गाली देने लगा। यह भी पढ़ें- किशोरी की गैर इरादतन हत्या में दो को सात-सात साल की कैद मना किया तो उपरोक्त ने उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया। शोर पर उसकी पत्नी वहां पर आ गई। उसके साथ भी मारपीट की। इस घटना को बहुत से लोगों ने...