नई दिल्ली, मार्च 5 -- नई दिल्ली, प्रमुख संवाददाता। दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक महिला के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या की कोशिश के कथित अपराध के लिए आपराधिक कार्रवाई रद कर दी है। हालांकि, उच्च न्यायालय ने इस मामले में आरोपी युवती को अस्पताल में सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है। इस मामले में याचिका दायर करने वाली आरोपी युवती अनाथ है। इस युवती को शिकायत करने वाली महिला व उसके पति (जिसकी अब मृत्यु हो चुकी है) ने तब से पाला था जब वह तीन महीने की थी। हालांकि, वे गोद लेने के जरिए कभी उसके कानूनी माता-पिता नहीं बने, लेकिन उच्च न्यायालय ने कहा कि उनका रिश्ता सामाजिक व भावनात्मक रूप से एक मां और बेटी जैसा ही है। इस मामले में कानूनी परेशानी वर्ष 2019 में एक हिंसक घटना के बाद शुरू हुई। इस घटना में आरोपी युवती ने कथित तौर पर अपने अभिभावकों पर लकड़ी के डंडे...
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