देहरादून, मार्च 13 -- उत्तराखंड की स्थायी राजधानी के मुद्दे पर पूर्व आईएएस विनोद प्रसाद रतूड़ी के मार्गदर्शन में उनके 18 वर्षीय बेटे पार्थ रतूड़ी 'प्रण से प्राण तक' के संकल्प के साथ अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन पर बैठ गए हैं।उन्होंने गैरसैण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग की है। पार्थ पत्रकारिता के छात्र हैं। जानकारी के अनुसार एकता विहार में क्रमिक अनशन के दौरान पार्थ रतूड़ी ने राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि गैरसैंण में सत्र कराना या इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित करना किसी नेता का अहसान नहीं है। असली ऋण उन 42 शहीदों का है जिन्होंने अपनी शहादत दी, लेकिन आज राजनीतिक मंचों पर केवल अपनी उपलब्धियों का गुणगान होता है। उन्होंने कहा कि जब लोकतंत्र के स्तंभ विफल हों, तो चौथे स्तंभ के छात्र के रूप में वे जनता की आवाज उठाने को मजबूर हैं। अनशन...