बोकारो, नवम्बर 29 -- खेतको, प्रतिनिधि। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र प्रेषित कर रैयतों की जोत दखल वाली गैरमजरूआ खास जमीन की मालगुजारी रसीद बहाल करने की मांग की गई है। कहा जा रहा है कि मालगुजारी रसीद भूमि स्वामित्व का प्रमाणिक दस्तावेज होता है, जिससे यह सिद्ध होता है कि संबंधित व्यक्ति सरकार को भूमि कर चुका रहा है और वह जमीन उसकी जोत में है। बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं का लाभ, जमीन की बिक्री अथवा उत्तराधिकार संबंधी कार्यवाही में यह दस्तावेज अत्यंत आवश्यक होता है। पेटरवार प्रखंड के चलकरी निवासी विस्थापित नेता काशीनाथ केवट ने उपरोक्त मांग करते हुए कहा कि रैयतों की भूमि पर उनकी पुश्तैनी, सामाजिक और कानूनी अधिकार वर्षों से स्थापित रहे हैं लेकिन वर्ष 2011 के बाद राज्य सरकार द्वारा गैरमजरूआ जमीन पर मालगुजारी रसीद काटने पर रोक और रघुवर दास के मुख्य...
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