नई दिल्ली, जनवरी 7 -- नई दिल्ली, प्र. सं.। हाईकोर्ट ने बुधवार को पशु कल्याण बोर्ड को एक जनहित याचिका में कथित गैरकानूनीतौर पर कुतों के प्रजनन के मुद्दे को सुलझाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने नगर निगम व दिल्ली पुलिस को भी प्रतिवादी बनाया है। पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि राजधानी में बड़े पैमाने पर कुत्तों का गैर-कानूनी प्रजनन हो रहा है। वर्ष 2018 में दाखिल की गई इस याचिका में याचिकाकर्ता ने दावा किया है कि इस तरह की प्रजनन प्रक्रिया स्ट्रीट डॉग्स की जनसंख्या बढ़ाने में भी मदद करती हैं क्योंकि कुत्तों को बिना बंध्याकरण बेचा जाता है।
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