लखनऊ, सितम्बर 18 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर टिप्पणी की है। न्यायालय ने कहा कि यह दुखद स्थिति है कि एसपी और जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी संवैधानिक न्यायालयों द्वारा बार-बार दिए गए फैसलों के बावजूद विवेक के इस्तेमाल और निष्पक्षता बरतने की बात से अनभिज्ञ हैं। न्यायालय ने कहा कि गैंग चार्ट तैयार करना महज औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, आपराधिक परिणामों को देखते हुए अभियुक्त के आपराधिक इतिहास का समुचित परीक्षण और उन पर जिलाधिकारी के साथ विचार-विमर्श आवश्यक है। न्यायमूर्ति मनीष माथुर की एकल पीठ ने यह टिप्पणी बब्बू शाह की ओर से दाखिल एक याचिका पर की। याची ने अपने खिलाफ बहराइच के पयागपुर थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे की कार्यवाही क...