बिजनौर, जून 15 -- गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में विशेष सत्र न्यायाधीश अलका चौधरी की अदालत ने आरोपी आरिफ को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह भी पढ़ें- गैंगस्टर की जमानत खारिज अपराध और गिरोह की संरचना एडीजीसी सलीम अख्तर ने बताया कि धामपुर थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक शैलेंद्र प्रताप गौतम ने सूचना के आधार पर मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में कहा गया था कि किरारखेड़ी निवासी आरिफ पुत्र फारूक शेख, स्योहारा क्षेत्र के गल्लाखेड़ी निवासी शमीम पुत्र इब्राहिम तथा मुकरपुरी निवासी शमीम पुत्र अली हसन ने एक संगठित गिरोह बना रखा था, जिसका सरगना आरिफ था।गिरोह की आपराधिक गतिविधियाँ अभियोजन के अनुसार गिरोह के सदस्य क्षेत्र में चोरी, लूट और डकैती जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देते थे। इनके आतंक ...