गेहूं में रतुआ रोग को मात देगी नई विकसित किस्म
अल्मोड़ा, अगस्त 25 -- अल्मोड़ा। वीपीकेएएस की ओर से रतुआ प्रतिरोधी जीनों से संवर्धित गेहूं की 'वीएल 3040' किस्म विकसित की गई है। उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों के किसानों के लिए इस उन्नत किस्म की पहचान की कर ली गई है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस किस्म पीले व भूरा रतुआ लोगों को मात देने में कारगर है। भाकृअनुप-विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के निदेशक व प्रधान गेहूं प्रजनक डॉ. लक्ष्मी कान्त के नेतृत्व में इस किस्म का विकास किया गया है। इस प्रजाति की पहचान राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान में हुए 65वीं अखिल भारतीय गेहूं व जौ अनुसंधान कार्यकर्ता बैठक में 'प्रजाति पहचान समिति' की ओर से की गई। अब उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय व अरुणाचल प्रदेश राज्य के किसानों को यह किस्म उगाने के लिए मिल सक...
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