किशनगंज, अप्रैल 13 -- बहादुरगंज, निज संवाददाता क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु गेहूं की खेती के अनुकुल नहीं रहने के कारण किसान गेहूं की जगह मक्के की खेती कर रहे हैं। कम उत्पादन के कारण गेहूं की खेती घाटे का सौदा होने के कारण क्षेत्र के किसान रबी फसल के तौर पर मक्का की खेती को तवज्जो दे रहे हैं। बलुआही एसिडिक मिट्टी, जलवायु परिवर्तन के कारण लागत से कम उत्पादन इसका मुख्य कारण बताया जा रहा है। आज क्षेत्र में गेहूं की खेती सिमट गयी है। कृषि विशेषज्ञ भी क्षेत्र की मिट्टी और जलवायु को गेहूं फसल की खेती के लिए प्रतिकूल करार दिया है।मंडी का अभावधान एवं मकई की तर्ज पर गेहूं फसल के लिए क्षेत्र में किसी प्रकार की मंडी नहीं रहने एवं लागत से कम आमदनी किसानों के लिए घाटे का सौदा बन गया है। प्रखंड कृषि समन्वयक सह कृषि विशेषज्ञ डॉ नीरज कुमार के अनुसार रबी फस...
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