चंदौली, अप्रैल 10 -- चंदौली। कृषि विज्ञान केंद्र में वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी के नेतृत्व में शुक्रवार को नैनो डीएपी के प्रयोग को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें गेहूं की फसल पर नैनो डीएपी के प्रभाव का परीक्षण किया गया। वहीं किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक किया गया। इफको के सहयोग से एग्रो क्लाइमेट जोन के तहत प्रदर्शन के रूप में सम्पन्न हुआ। इस दौरान वैज्ञानिकों ने खेतों में नैनो डीएपी के प्रयोग से तैयार फसल की क्रॉप कटिंग कराकर उसकी गुणवत्ता और उत्पादन का आकलन किया। वैज्ञानिक डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने कहा कि नैनो डीएपी और यूरिया के संतुलित प्रयोग से किसान अपनी कृषि लागत को कम कर सकते हैं। यह तकनीक न केवल उत्पादन बढ़ाती है। बल्कि मिट्टी की उर्वरता को भी बनाए रखने में सहायक है।

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