कुशीनगर, अप्रैल 14 -- कुशीनगर। धान की खेती के मुकाबले गेहूं खेती करने में लागत और मेहनत दोनों कम लगती है। एक एकड़ गेहूं की खेती में किसानों को 15 से 20 हजार का फायदा होने की संभावना होती है। मौजूदा सीजन में गेहूं का पैदावार अप्रत्याशित रूप से कम होने के कारण किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें साफ दिखाई दे रही है।क्षेत्र के सोहनी, गजरा, कोटवा, इंदरपुर, कारीतीन, भड़सर, नारायण भडसर, सुधियानी, मेहडा, बौलिया, पचार, खबराभार, गंभीरपुर, खैरटवा, बडहरा बाबू, सखोपार, पटखौली, सेमरा, मलुकही, सोमली, पेमली, बभनौली, सिधावट, साहबगंज समेत अनेक गांवों के किसानों ने बताया कि लागत और मेहनत के अनुरूप इस वर्ष गेहूं का फसल कमजोर होने के कारण उम्मीदों पर पानी फिर गया है। यह भी पढ़ें- कड़ी मेहनत के बावजूद भी नहीं मिल पाता मक्के के किसानों को सही मेहनताना लागत और मे...
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