सीवान, अप्रैल 13 -- (सीवान से नीरज कुमार पाठक)। जिले में गेहूं की खेती हर साल किसानों के लिए भारी पड़ रही है। लागत में लगातार बढ़ोतरी और मौसम की बेरुखी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। हालात यह हैं कि जहां पहले प्रति एकड़ अच्छी बचत हो जाती थी, वहीं अब लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। दरौली प्रखंड के किसान रामजी यादव बताते हैं, पिछले साल तक एक एकड़ में 12 हजार के आसपास खर्च होता था, लेकिन इस बार 18 हजार से ऊपर चला गया। खाद, बीज, मजदूरी सब कुछ महंगा हो गया है। इतना खर्च करने के बाद भी सही दाम नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि डीजल महंगा होने से सिंचाई का खर्च भी काफी बढ़ गया है। गुठनी के किसान मुन्ना प्रसाद कहते हैं, सबसे ज्यादा मार मजदूरी और खाद पर पड़ी है। पहले मजदूर 250-300 रुपये में मिल जाते थे, अब 400-500 रुपये देने पड़ रहे हैं। खाद भी स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.