गृहस्थ आश्रम में नारी की भूमिका महत्वपूर्ण: शिवजी
बेगुसराय, मई 31 -- गढ़हरा(बरौनी),एक संवाददाता। अभेदानंद आश्रम, आर्य समाज मंदिर, बारो में रविवार को जिला आर्य सभा बेगूसराय के प्रधान शिवजी आर्य के नेतृत्व में देवयज्ञ का आयोजन हुआ। यह भी पढ़ें- भगवान शिव से गृहस्थ जीवन सीखने का सारदेवयज्ञ का आयोजन गुरुकुल से आईं ब्रह्मचारिणी मांडवी ने देवयज्ञ में पुरोहित की भूमिका में वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया। देवयज्ञ के पश्चात गृहस्थ आश्रम में स्त्री की भूमिका विषय पर चर्चा करते हुए शिवजी आर्य ने कहा कि गृहस्थ आश्रम में स्त्री की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है। इसी कारण महर्षि स्वामी दयानंद सरस्वती ने सत्यार्थ प्रकाश के चतुर्थ समुल्लास में लिखा है कि वैदिक धर्म में स्त्री पैर की जूती नहीं अपितु सिर की पगड़ी है।महत्त्व और गौरव नारी के इस गौरव और महत्ता को स्वीकार करते हुए मनु ने कहा- जिस कुल में भार्या ...
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