अल्मोड़ा, सितम्बर 25 -- भिकियासैंण। ब्लॉक के बघाड़ गांव में लंबे समय से गुलदार के आतंक के कारण ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। गुलदार की ओर से लगातार मवेशियों और बकरियों को निशाना बनाए जाने के कारण स्थानीय पशुपालकों की आजीविका पूरी तरह ठप हो गई है। इसके कारण अधिकांश लोगों ने अब बकरी पालन करना पूरी तरह से छोड़ दिया है। बघाड़ गांव में पिछले दो वर्षों के दौरान आठ ग्रामीण परिवार बकरी पालन के जरिए अपनी आजीविका चला रहे थे, लेकिन गुलदार के लगातार हमलों के कारण अब गांव में मात्र दो लोग ही बकरी पालन कर पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पहले बंदरों और जंगली सुअरों के आतंक के कारण गांव की अधिकांश कृषि भूमि बंजर हो चुकी थी। अब गुलदार के डर से पशुपालन व्यवसाय भी पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। इसके चलते ग्रामीण क्षेत्र से तेजी से पलायन करने को मजबूर हो रह...