नई दिल्ली, मार्च 7 -- वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति (गुरु) को ज्ञान, भाग्य, धर्म और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु अपनी चाल बदलते हैं, तो उसका प्रभाव व्यक्ति के जीवन के कई क्षेत्रों पर दिखाई देता है। पंचांग के अनुसार 11 मार्च 2026 की सुबह करीब 06:17 बजे देवगुरु बृहस्पति मिथुन राशि में मार्गी (सीधी चाल) हो जाएंगे। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब गुरु वक्री से मार्गी होते हैं, तो कई रुके हुए काम धीरे-धीरे गति पकड़ने लगते हैं। निर्णय क्षमता मजबूत होती है और करियर, शिक्षा, व्यापार तथा रिश्तों से जुड़े मामलों में नई दिशा मिल सकती है। आइए जानते हैं, गुरु के मार्गी होने से कैसा रहेगा सभी 12 राशियों का हाल-मेष राशि- करियर और योजनाओं में गति मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का मार्गी होना कई मामलों में सकारात्मक संकेत दे सकता है। लंबे समय से...