बदायूं, दिसम्बर 30 -- बिसौली। नगर की नई तहसील कॉलोनी स्थित हरी बाबा मंदिर में चल रही श्रीराम कथा के सातवां दिन कथवाचक देशपाल भारद्वाज ने कहा, गुरु महिमा अपरंपार है। विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए राजा दशरथ से भगवान राम और लक्ष्मण जी को मांगने गए। गुरु वशिष्ठ की आज्ञा पर दशरथ जी ने दोंनों को वन जाने की अनुमति दे दी। इसके बाद नाम जप और संकीर्तन की महिमा के बारे में बताया। बस, नाम जप का लाभ इसलिए दिखाई नहीं देता, क्योंकि हमारे अंदर अहंकार रूपी अन्धकार भरा है। प्रभु नाम रूपी उजाला उस अंधकार को पहले मिटाता है। उन्होंने अध्यात्म में धन की प्रमुखता के बारे में कहा कि श्रीराम कथा अमूल्य है। इसे चंद रुपयों में बेचना गलत है। ज्योति शर्मा, संगीता शर्मा, वीणा शर्मा, प्रियंका शर्मा, मानवी गुप्ता, अंशु मिश्रा, ममता, गीता, अंजू, मीना, रजनी, विक्क...
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